स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, वर्तमान में भारत के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप जारी है। उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा और ठंडी हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, पहाड़ों पर अभी कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) नहीं होने के कारण आने वाले एक सप्ताह तक बर्फबारी की संभावना कम है, जिससे मैदानी इलाकों में शुष्क ठंड और शीतलहर का असर बना रहेगा।
दक्षिण भारत की बात करें तो वहां एक ‘डीप डिप्रेशन’ सक्रिय है, जो श्रीलंका के ऊपर से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने के आसार हैं। महेश पलावत जी ने बताया कि तमिलनाडु के रामनाथपुरम, शिवगंगा और नागापट्टनम जैसे क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों में तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।




















