उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में राशन वितरण की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इस महीने से प्रदेश के सभी जिलों में कोटे की दुकानों पर मुफ्त राशन वितरण का काम शुरू हो रहा है। खास बात यह है कि अलीगढ़, आगरा, कानपुर और बरेली समेत 23 चुनिंदा जिलों में वितरण की एक अलग व्यवस्था की गई है। इन जिलों में अंत्योदय कार्ड धारकों को गेहूं और चावल के साथ-साथ मोटे अनाज के रूप में ज्वार और बाजरा भी दिया जाएगा, जबकि बाकी जिलों में मानक के अनुसार गेहूं और चावल का वितरण जारी रहेगा।
राशन प्राप्त करने के लिए समय सारणी का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कार्ड धारक सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और फिर दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक अपनी नजदीकी कोटे की दुकान से राशन ले सकेंगे। सरकार का उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि पात्र लोगों को समय पर उनका हक मिल सके।
इस बार सरकार ने ई-केवाईसी (e-KYC) को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। जिन लाभार्थियों ने पिछले एक साल से दिए जा रहे समय के बावजूद अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें अब राशन के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, हजारों लोग ऐसे हैं जिन्होंने बार-बार चेतावनी मिलने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो अपात्र पाए गए हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी के अब राशन मिलना मुश्किल होगा।
सरकार की यह सख्ती राशन कार्ड वितरण में होने वाली धांधली को रोकने के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आयकर दाताओं, संपन्न परिवारों और चार पहिया वाहन मालिकों की पहचान कर उनके कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। यदि आप पात्र हैं और अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो तुरंत अपनी राशन की दुकान पर जाकर इस प्रक्रिया को पूरा करें ताकि आपकी सरकारी सुविधाएं निर्बाध रूप से चलती रहें।