मकर संक्रांति : सूर्य का उत्तरायण और शनिदेव की विशेष कृपा ; भारतीय संस्कृति में मकर संक्रांति का पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक जागृति और नई शुरुआत का उत्सव है। इस वर्ष 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से न केवल अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि सूर्य देव के आशीर्वाद से उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु का वरदान भी प्राप्त होता है।
इस बार की संक्रांति ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है कि न्याय के देवता शनिदेव अपनी प्रिय राशियों पर मेहरबान रहने वाले हैं। विशेष रूप से मेष, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा। इन राशियों के जीवन में लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे और आर्थिक तंगी से राहत मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।



















