भारी बारिश की चेतावनी : श्रीलंका के पास बना दबाव बढ़ाएगा मुश्किलें…
नमस्ते दोस्तों, देश के मौसम में इस समय कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान के उत्तर-पूर्वी जिलों और दक्षिण हरियाणा में अचानक बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई है। यह बेमौसम बारिश मध्य प्रदेश के ऊपर बने एक एंटी-साइक्लोन और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के मिलन की वजह से हुई, जिसने स्थानीय स्तर पर नमी पैदा कर दी। हालांकि, पहाड़ों पर अभी भी किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ की कमी खल रही है, जिससे बर्फबारी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है।
तापमान की बात करें तो उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी अपना कहर बरपा रही है। दिल्ली के सफदरजंग में इस सीजन का सबसे कम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड और आयानगर जैसे इलाकों में भी पारा काफी नीचे गिरा है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और मध्य प्रदेश के दतिया तथा खजुराहो जैसे शहरों में तो तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच बना हुआ है। कोहरे की घनी चादर ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले रखा है, जिससे दिन के समय ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है।
दक्षिण भारत की तरफ रुख करें तो वहां एक गहरा दबाव (Deep Depression) श्रीलंका के तट को पार कर रहा है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों में तमिलनाडु के तटीय इलाकों, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि वहां ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। बारिश का यह दौर धीरे-धीरे तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के साथ-साथ महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र तक भी पहुंच सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तर और मध्य भारत में इस बार सर्दियों की वह पारंपरिक झमाझम बारिश गायब है, जिसके लिए यह मौसम जाना जाता है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों पर भी कोई बड़ी बर्फबारी के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे सूखी सर्दी का दौर जारी रह सकता है। दक्षिण भारत के राज्यों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा, लेकिन घने कोहरे और गिरते पारे से अभी राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।