सावधान! 2026 में फिर लौट रहा है अल-नीनो, जानिए आपकी खेती पर क्या होगा असर ; राम-राम किसान भाइयों, उम्मीद है आप सब कुशल मंगल होंगे। दोस्तों, मौसम विभाग की तरफ से एक बड़ी चेतावनी सामने आ रही है जो सीधे हमारी खेती-बाड़ी से जुड़ी है। खबर है कि साल 2026 में एक बार फिर ‘अल-नीनो’ दस्तक देने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई से सितंबर 2026 के बीच प्रशांत महासागर में यह काफी सक्रिय हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इससे हमें क्या फर्क पड़ेगा, तो भाइयों, अल-नीनो आने का सीधा मतलब है कि मानसून की बारिश में कमी आ सकती है, जिससे हमारी फसलों की सिंचाई का गणित बिगड़ सकता है।
किसानों भाइयों, अभी जो समय चल रहा है यानी जनवरी से मार्च तक, इसमें भी उत्तर-पश्चिमी भारत जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि गेहूं पैदा करने वाले हमारे साथियों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम और सावधानी से करना होगा। हालांकि, मध्य और पूर्वी भारत के दोस्तों के लिए थोड़ी राहत की बात है, क्योंकि वहां बढ़ती ठंड गेहूं, सरसों और चने के दानों को मजबूती देगी और पैदावार अच्छी हो सकती है।




















